खटमल तुम सभ्य नहीं हुए.

By moGossip Team Jul 8, 2020  

By Nitesh Jha | Engineer by profession, writer by choice

प्लाईवुड के आने से और सिनेमा हाल में स्पंज की सीट आने से मुल्क में खटमल एक दुर्लभ प्राणी बन गया।

आज की पीढ़ी खटमल के काटने से जो चुभन और खुजली का अविस्मरणीय अद्भुत अहसास होता था उससे महरूम हो गई।

वरना लोग रात रात भर सो नहीं पाते थे, सिनेमा हाल कई बदनाम होते थे खटमल के कारण।मैंने बचपन में कई लोगों को दहशत से फिल्म के दौरान सीट पर खड़े होते देखा है।

पहले चारपाई,पलंग या तख्त को कभी धूप में सुखाया जाता था या गर्म पानी से धोया जाता था खटमल से निजात पाने के लिए।

अक्सर खटमल खून पीकर डमरू की तरह फूल जाता था।

मसलो तो बहुत ज्यादा बदबू आती थी.

खटमल मर कर अपनी बदबू मारने वाले की ऊँगली में छोड़ जाता था,

छोटी सी दरार या छेद में रहने की कला आती थी उसे।

साला केमिकल से हार गया जो प्लाईवुड में होता है

आज उस नन्हे प्राणी की किसी को परवाह नहीं रही।

एक छोटा सा प्राणी विकास के इस दौर की बलि चढ़ गया।

खटमल तुम सभ्य नहीं हुए

प्लाईवुड में रहना तुम्हें नहीं आया

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